एसटीईटी (STET) पास सभी अभ्यर्थी शिक्षक बहाली के पात्र होंगे – JDU

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बिहार STET-19 में घपले के आरोप के साथ STET-19 Qualified अभ्यर्थी लगातार ऑनलाइन और पटना की सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं. हज़ारों अभ्यर्थी जो माँग कर रहे हैं वो बिल्कुल जायज है. कड़ी मेहनत और लम्बी इंतेज़ार के बाद बिहार के युवाओं को मौका मिलता है Bihar में रोज़गार पाने का पर बिहार के क़िस्मत में कोई ऐसा रिज़ल्ट नहीं है जिसमें राज्य को बदनाम और शर्मशार ना होना परे. चंद अधिकारियों और BSEB के कर्मचारियों ने बिहार के सम्मान को गर्त में धेकेल दिया है.

मैट्रिक की परीक्षा हो या कोई प्रतियोगता परीक्षा हो BSEB उसका रिज़ल्ट प्रकाशित होने तक ऐसा ही मज़ाक बना देता है. चिंता की बात ये नही है कि BSEB ऐसा कर रही चिंता इस बात से है कि बिहार के बड़े अधिकारी, मंत्री, मुख्यमंत्री और सत्तारुढ़ पार्टी गलती स्वीकार कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं करती बल्कि मामले की लीपापोती होती है सरकार और सत्तारुढ़ पार्टी के द्वारा; और यही कारण है की बिहार के किसी भी शिक्षा विभाग में कोई सुधार नहीं है.

एसटीईटी (STET) पास सभी अभ्यर्थियों की पहली माँग है की सरकार अपने वायदे पर क़ायम रहे और हर प्रक्रिया में पारदर्शिता हो, जैसे कि सरकार को ये सार्वजनिक करना होगा की किस विषय में कितने अभ्यर्थियों ने क्वालीफाई किया है और किसके कितने अंक हैं? विभाग ने किस आधार पर मेरिट लिस्ट बनाया है? मेरिट लिस्ट में इतनी बड़ी तादाद में STET-19 Qualified अभ्यर्थी बाहर कैसे हैं जबकि शिक्षा मंत्री के अनुसार सीटों की संख्या से भी कम अभ्यर्थियों ने STET qualify किया था?

इन सभी सवालों के जवाब देने के जगह सरकार अभी भी लिपापोति में लगी है. जिसका कारण अगर जानना है तो एक RTI दाखिल कर ये पता लगा लें की BSEB में किस नेता के क्षेत्र से कितने अधिकारी और कर्मचारी हैं उसके बाद सब समझ में आ जाएगा की आजतक BSEB द्वारा राज्य को हर रिज़ल्ट में शर्मिंदा करने के बाद भी कैसे कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो पा रही और क्यों ये गलतियाँ हर बार दोहराई जाती है.

एसटीईटी (STET) पास सभी अभ्यर्थियों के अनुसार मेरिट लिस्ट घोटाला पर पर्दा डालने के लिए सत्तारुढ़ पार्टी ने एक ट्वीट किया जिसके अनुसार सभी STET पास अभ्यर्थी बहाली के पात्र होंगे. ये कैसे तोफा है ये तो दिल्ली में आँखों का इलाज करा रहे नीतीश कुमार ही जाने और समझे वो सभी अभ्यर्थी जो STET पास कर नौकरी का इंतेज़ार कर रहे हैं.