आम आदमी पार्टी के पार्षद Tahir Hussain की छत से मिले पत्थर और पेट्रोल बम

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आम आदमी पार्टी के पार्षद Tahir Hussain की छत से मिले पत्थर और पेट्रोल बम-Delhi Violence aap-corporator-tahir-hussain-roof-stone-and-petrol-bomb-found

दिल्ली दंगे में अभी तक कार्रवाई के नाम पर बस आरोप प्रत्यारोप ही चल रहा है. फ़िलहाल दिल्ली में हुए हिंसा को लेकर आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन चर्चा में है. AAP पार्षद पर आरोप लग रहा है कि हिंसा भड़काने में उनका हाथ है. हिंसा में मारे गए इंटेलिजेंस ब्यूरो के कर्मी अंकित शर्मा के परिजनों ने कथित तौर पर Tahir Hussain पर हत्या करने का आरोप लगाया है. ताहिर हुसैन पर यह भी आरोप लग रहा है कि 25 फरवरी को उनके चांदबाग स्थित घर से उपद्रवियों ने लोगों पर पथराव किया और पेट्रोल बम फेंके.

दिल्ली की सत्तारुढ़ पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन ने अपने पर लगे आरोप से इंकार करते रहे लेकिन अब एक वीडियो सामने आया है, जिसमें, उनके घर की छत पर काफी मात्रा में पत्थर और पेट्रोल बम मिले हैं. मीडिया लगातार दिखा रही है की किस तरह से ताहिर हुसैन के घर की छत पर बोरों में भरे पत्थर और कैरेट में रखे पेट्रोल बम मिले हैं. ताहिर फिलहाल अपने घर पर नहीं हैं.

ताहिर हुसैन के घर की छत से पथराव और पेट्रोल बम फेंके जाने के वीडियो इससे पहले भी सामने आए थे लेकिन ताहिर ने उनका खंडन किया था. उनका कहना था कि घटना के समय वह अपने घर पर नहीं थे. बीजेपी नेता उन्हें बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं. इसके बाद बाक़ी वही राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप जिससे दिल्ली के किसी आम नागरिक या देश के किसी नागरिक का भला नहीं होने वाला है.

दिल्ली में हुए दंगे और तनावपूर्ण माहौल के लिए दिल्ली के नेताओं और राजनीतिक पार्टियों के साथ-साथ दिल्ली पुलिस और हिंदू-मुस्लिम के आसपास मंडराने वाली मीडिया भी ज़िम्मेदार है. दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के गृह मंत्री यानी अमित शाह के अंतर्गत आती है, दिल्ली पुलिस का काम है दिल्ली में क़ानून व्यवस्था बनाए रखना लेकिन पिछले कुछ महीनों से दिल्ली पुलिस ने ऐसे ऐसे कई कारनामे किए हैं जिसे देख कर लगता है की दिल्ली की पुलिस दिल्ली की क़ानून व्यवस्था के लिए नहीं ब्लकी किसी एक पार्टी के लिए पार्टी के नेता के इशारे पर काम कर रही.

अगर ऐसा नहीं होता तो दिल्ली पुलिस के अधिकारी सामने भाजपा के नेता कपिल मिश्रा माहौल ख़राब करने वाले और दंगे भड़काने वाले बयान नहीं देते, यही नहीं दिल्ली पुलिस के अधिकारी के सामने दिए भड़काऊ भाषण की जानकारी को दिल्ली पुलिस अदालत में ये बहाना बना कर टालने का प्रयास नहीं करती की दिल्ली पुलिस ने कपिल मिश्रा का वो विडीओ नहीं देखा है. यही नहीं चाहे वो जमिया का मामला हो या दिल्ली दंगे की, दिल्ली पुलिस की ऐसी तस्वीरें समने आयी जो दंगाई के जैसी है, जमिया के तर्ज़ पर हीं दिल्ली पुलिस दिल्ली में दंगे के दौरान सड़कों पर लगी CCTV कैमरे को तोड़ते हुए दिखी है.

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Image Credit: TheQuint

लाशों की बढ़ती गिनती, लोगों के जले घरों, दुकानें, पत्थर से पटी सड़कें, और अस्पताल में बढ़ती घायलों की गिनती परिणाम है वोटों के लिए नफ़रत की रजनीति और सालों से TV पर न्यूज़ के नाम पर झूठ तथा अधूरी जानकारी के सहारे हिंदू-मुश्लिम का परोसा जाना. ये होता है जब नेता चुनाव जितने के लिए नफ़रत को दिल, दिमाग़ और ज़ुबान से लगा लेते हैं और क्या मंत्री क्या सांसद और क्या विधायक सब एक सुर में नफ़रत फैलाने वाले बयान देते हैं, लोगों को गोलियाँ चलने के लिए उकसाते हैं और पुलिस अधिकारियों को खुलेआम अल्टीमेटम देते हैं.

बता दें कि 24 और 25 फरवरी को दिल्ली में भड़की हिंसा में अब तक 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. 200 से ज्यादा लोग घायल हैं. ज्यादातर घायल दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती हैं. अस्पताल प्रशासन ने बताया कि इनमें से 10 की हालत काफी गंभीर है. 106 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है. कई संवेदनशील इलाकों में फिलहाल हिंसा तो थम गई है लेकिन तनाव अब भी बरकरार है. दिल्ली हिंसा मामले में बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई की थी और जस्टिस एस. मुरलीधर ने ‘हेट स्पीच’ देने वाले नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज न करने पर दिल्ली पुलिस को फटकार भी लगाई थी. हालाँकि कल रातों रात जस्टिस एस. मुरलीधर का तबादला कर दिया गया जिसके बाद अब सुनवाई जस्टिस एस. मुरलीधर नहीं करेंगे.

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